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संस्था रचनाकार के संस्थापक सभापति श्री सुरेश चौधरी का यह सम्पादकीय आलेख बंगाल की विशिष्ट सामाजिक संरचना — ‘पाड़ा संस्कृति’ और कैरम क्लब जैसी स्थानीय परम्पराओं — के सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व को रेखांकित करता है।
आलेख में यह विचार रखा गया है कि बंगाल की सामाजिक चेतना और सामुदायिक जुड़ाव को समझे बिना कोई भी राजनीतिक परिवर्तन अधूरा है। यह आलेख ‘हमारा महानगर’, ‘स्वदेश विदेश’ एवं ‘प्रातः आवाज़’ सहित कई समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ।