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संस्था रचनाकार के संस्थापक सभापति, चिंतक एवं लेखक श्री सुरेश चौधरी का यह आलेख ‘नौतपा’ की भारतीय अवधारणा को वैदिक चिंतन और आधुनिक खगोलीय विज्ञान — दोनों दृष्टियों से देखता है।
आलेख में बताया गया है कि किस प्रकार नौतपा केवल एक लोकमान्यता न होकर पृथ्वी की धुरी के झुकाव, सूर्य की स्थिति और ऋतु-परिवर्तन से जुड़ा एक वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक बोध है, जिसमें भारतीय ज्योतिष और आधुनिक विज्ञान एक-दूसरे के पूरक बनकर सामने आते हैं।